4 जुलाई 2026 ब्रज पंचांग राहु काल विवरण के साथ
The ब्रज पंचांग के लिए शनिवार, 4 जुलाई 2026 अंक आषाढ़ कृष्ण पक्ष चतुर्थी. यह दिन मनाया जाता है पंचक, कृष्ण चतुर्थी पंचमी के प्रारंभ से पहले की दोपहर तक प्रभावी रहेगी। मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन और पूरे ब्रज में भक्त नीचे दिए गए शुभ और अशुभ समयों के आधार पर धार्मिक अनुष्ठान और दैनिक गतिविधियों की योजना बना सकते हैं।.
ब्रज पंचांग का अवलोकन
| तारीख | 04 जुलाई 2026 (शनिवार) |
| जगह | मथुरा, भारत |
| संवत् | 2083 सिद्धार्थी विक्रम संवत् |
| महीना | आषाढ़ा |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| तिथि | कृष्ण चतुर्थी दोपहर 12:39 बजे तक, उसके बाद कृष्ण पंचमी |
| नक्षत्र | धनिष्ठा दोपहर 01:43 बजे तक, उसके बाद शतभिषा |
| योग | प्रीति शाम 5:02 बजे तक, उसके बाद आयुष्मान |
| करण | बलवा दोपहर 12:39 बजे तक, कौलावा सुबह 1:09 बजे तक (5 जुलाई), उसके बाद तैतिला |
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा का समय
- सूर्योदय: सुबह 05:29
- सूर्यास्त: शाम 7:19
- चंद्रोदय: रात 10:20 बजे
- चंद्र अस्त: सुबह 9:03 बजे
शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:56 बजे से दोपहर 12:51 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:42 – दोपहर 3:37
- गोधुली मुहूर्त: शाम 7:17 – शाम 7:38
- सयाहना संध्या: शाम 7:19 – शाम 8:20
अशुभ समय
- राहु काल: सुबह 8:56 – सुबह 10:40
- गुलिकाई कलम: सुबह 05:29 – सुबह 07:12
- यामागंडा: दोपहर 2:07 – दोपहर 3:51
महत्वपूर्ण अनुष्ठान
- पंचक: दिनभर प्रभावी।.
- भद्रा: लागू नहीं।.
- दिशा स्कूल: पूर्व।.
- गंडा मूला: नहीं।.
भक्तिमय महत्व
कृष्ण चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित व्रत और प्रार्थना करने वाले भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। पंचक पूरे दिन चलता रहता है, इसलिए कई भक्त प्रमुख शुभ कार्यों को शुरू करने से पहले पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हैं। गोधुली मुहूर्त और शयन संध्या के दौरान की जाने वाली संध्या पूजा का ब्रज क्षेत्र के भक्तों के लिए विशेष महत्व है।.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों
आज की तिथि क्या है?
कृष्ण चतुर्थी दोपहर 12:39 बजे तक रहेगी, उसके बाद कृष्ण पंचमी शुरू होगी।.
4 जुलाई 2026 को राहु काल कब है?
राहु काल सुबह 8:56 से 10:40 बजे तक है।.
क्या आज पंचक मनाया जा रहा है?
जी हाँ। पंचक पूरे दिन प्रभावी रहता है।.
क्या आज भद्रा नदी है?
नहीं। भद्रा 4 जुलाई 2026 को उपस्थित नहीं हैं।.

