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मथुरा नगर पुलिस ने चोरी की अष्टधातु प्रतिमा रखने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया।

मथुरा सिटी कोतवाली पुलिस ने राज नगर कॉलोनी के 20 वर्षीय निवासी को उसके पास से चोरी की गई अष्टधातु की मूर्ति बरामद करने के बाद गिरफ्तार किया है।

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मथुरा नगर पुलिस ने चोरी की अष्टधातु प्रतिमा रखने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया।

मथुरा, 29 अगस्त, 2026: मथुरा नगर कोतवाली पुलिस ने चोरी की अष्टधातु प्रतिमा के साथ पकड़े गए 20 वर्षीय युवक की गिरफ्तारी के बाद कलाकृतियों के अवैध व्यापार पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस प्रतिमा के साथ ही इसका एक कटा हुआ हाथ भी बरामद हुआ है। यह बरामदगी जिले में विरासत की रक्षा और चोरी पर अंकुश लगाने के लिए स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के निरंतर प्रयासों को उजागर करती है। आरोपी की पहचान रोनीत के रूप में हुई है, जो हाईवे थाना पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में स्थित राज नगर कॉलोनी का निवासी है।

गिरफ्तारी और बरामदगी का विवरण

पुलिस द्वारा चलाए गए एक नियमित सुरक्षा अभियान के दौरान यह गिरफ्तारी हुई। अधिकारियों ने संदिग्ध को मूर्ति मंजिल के पास से पकड़ा। तलाशी के दौरान, अधिकारियों को संदिग्ध के पास से सफेद रंग की एक बड़ी बेलनाकार मूर्ति और उसका एक अलग हुआ हाथ का टुकड़ा मिला। कटे हुए अंग की मौजूदगी से संकेत मिलता है कि चोरी के दौरान कलाकृति के साथ लापरवाही बरती गई होगी या उसे नुकसान पहुँचाया गया होगा, जिससे विरासत विशेषज्ञों के बीच ऐसी मूल्यवान सांस्कृतिक वस्तुओं के संरक्षण को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं। बरामदगी के बाद, संदिग्ध को तुरंत हिरासत में ले लिया गया और औपचारिक कार्यवाही के लिए मथुरा सिटी कोतवाली पुलिस स्टेशन ले जाया गया।

कानूनी कार्यवाही शुरू की गई

कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत आरोपी रोनीत, जो हेमेंद्र का पुत्र है, के खिलाफ औपचारिक मामला दर्ज करने में तेजी दिखाई है। जांच अब चोरी हुई मूर्ति के स्रोत का पता लगाने पर केंद्रित है, क्योंकि अधिकारी यह पता लगाना चाहते हैं कि यह कलाकृति किस मंदिर या ऐतिहासिक स्थल से चोरी हुई थी। पुलिस प्रवक्ताओं ने संकेत दिया है कि ब्रज क्षेत्र में सक्रिय बड़े कलाकृति तस्करी नेटवर्क से संदिग्ध के संभावित संबंधों की गहन जांच सुनिश्चित करने के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

मथुरा में विरासत संरक्षण का संदर्भ

मथुरा प्राचीन कला और धार्मिक कलाकृतियों का एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है, इसलिए प्रशासन के लिए इन वस्तुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। चोरी की गई मूर्तियों और धातु की प्रतिमाओं के अवैध बाज़ार के कारण अक्सर ये वस्तुएं राज्य की सीमाओं के पार ले जाई जाती हैं, जिसके चलते स्थानीय पुलिस ने प्रमुख पारगमन बिंदुओं और नियमित चौकियों पर अपनी सतर्कता बढ़ा दी है। इस विशेष अष्टधातु प्रतिमा की बरामदगी जांचकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण सुराग साबित हुई है, जो अब जिले भर में हाल ही में हुई चोरी की घटनाओं की जांच कर रहे हैं। पारंपरिक रूप से आठ धातुओं के पवित्र मिश्रण से निर्मित ऐसी प्रतिमाओं का गहरा धार्मिक और पुरातात्विक महत्व है। प्रतिमा को हुए नुकसान से यह बात स्पष्ट होती है कि जब ये प्रतिमाएं उन अनधिकृत व्यक्तियों के हाथों में पड़ जाती हैं जो ऐतिहासिक संरक्षण की बजाय धन लाभ को प्राथमिकता देते हैं, तो वे कितनी असुरक्षित हो जाती हैं।

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मथुरा नगर पुलिस ने स्थानीय निवासियों और मंदिर प्रबंधन समितियों से प्राचीन कलाकृतियों से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि के प्रति सतर्क रहने और सूचना देने का आग्रह किया है। रोनीत के खिलाफ चल रही कानूनी कार्यवाही में प्रतिमा की बरामदगी एक महत्वपूर्ण सबूत बनी हुई है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि वे अदालत में जांच के निष्कर्ष प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक दस्तावेज़ तैयार करने में तत्परता से काम कर रहे हैं। यह घटना मथुरा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की रक्षा में आने वाली चुनौतियों की याद दिलाती है। नियमित गश्त के दौरान सक्रिय रुख अपनाकर पुलिस का उद्देश्य धार्मिक मूर्तियों की चोरी से लाभ कमाने वालों को रोकना है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसी वस्तुएं अंततः अपने उचित पूजा स्थलों या ऐतिहासिक महत्व के स्थानों पर वापस आ जाएं, जहां समुदाय द्वारा उनका उचित संरक्षण किया जा सके।

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सौरभ जैन, ब्यूरो प्रमुख, MathuraNow

सौरभ जैन

ब्यूरो प्रमुख

सौरभ जैन - मथुरा नाउ से जुड़े हुए हैं और मथुरा-वृंदावन से संबंधित स्थानीय अपडेट, नागरिक विकास, ब्रज संस्कृति और क्षेत्रीय समाचारों पर कवरेज प्रदान करते हैं।

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