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गोवर्धन स्थित नेशनल इंटर कॉलेज में स्कूल के प्रवेश द्वार पर दीवार गिरने से दो लोग घायल हो गए।

मथुरा के गोवर्धन स्थित नेशनल इंटर कॉलेज के प्रवेश द्वार पर निर्माण कार्य के दौरान दीवार गिरने से दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।

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गोवर्धन स्थित नेशनल इंटर कॉलेज में स्कूल के प्रवेश द्वार पर दीवार गिरने से दो लोग घायल हो गए।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा निर्मित चित्र · MathuraNow

गोवर्धन , 11 सितंबर, 2026: बुधवार को मथुरा के गोवर्धन स्थित राष्ट्रीय अंतर महाविद्यालय के प्रवेश द्वार पर ईंटों से बनी चारदीवारी गिरने से निर्माण कार्य से संबंधित एक दुर्घटना में दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना ने क्षेत्र में सार्वजनिक निर्माण परियोजनाओं की सुरक्षा और निगरानी को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि निर्माण कार्य बुनियादी सुरक्षा प्रोटोकॉल और सुरक्षा उपकरणों के बिना किया जा रहा था।

घटनास्थल से मिले दृश्य साक्ष्य से पुष्टि होती है कि स्कूल के गेट पर ईंटों से बनी इमारत का एक बड़ा हिस्सा ढह गया, जिससे मलबे का एक बड़ा ढेर प्रवेश द्वार को अवरुद्ध कर रहा था। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों ने भारी ईंटों के नीचे फंसे दो श्रमिकों को खोजने से पहले एक जोरदार धमाके की आवाज सुनी। ढहने के दौरान दोनों व्यक्तियों को पैरों में गंभीर चोटें आईं और उन्हें तुरंत पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। उनकी हालत की गंभीरता को देखते हुए, चिकित्सा कर्मचारियों ने उन्हें उन्नत उपचार के लिए एक उच्च चिकित्सा केंद्र में भेज दिया, हालांकि उनकी पहचान [स्रोत में नाम स्पष्ट नहीं है] और उनके स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में पूरी जानकारी अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।

घटना का विवरण और कथित चूक

मनीष शर्मा, जिन्होंने ढहने के बाद का मंजर देखा, के अनुसार, मजदूर एमबीडी (स्थानीय स्तर पर एमबीडी के नाम से पहचाने जाने वाले एक विकास परियोजना से संबंधित निर्माण कार्य में लगे हुए थे [स्रोत में विवरण स्पष्ट नहीं है]। शर्मा ने बताया कि गेट के आसपास के इलाके को घेरा नहीं गया था, और दीवार गिरने की आवाज सुनते ही वह और अन्य स्थानीय निवासी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। ऊपर वहां पहुंचने पर उन्होंने पाया कि दोनों मजदूर मलबे के नीचे दबे हुए थे।

निर्माण से जुड़े हालात विवाद का विषय बने हुए हैं। शर्मा ने स्पष्ट किया कि यद्यपि द्वार विद्यालय परिसर का हिस्सा है, लेकिन संस्था निर्माण कार्य या श्रम परियोजना की देखरेख नहीं कर रही थी। उन्होंने इस दावे का भी खंडन किया कि दीवार पहले से ही जर्जर अवस्था में थी। इस अटकल के विपरीत कि संरचना अस्थिर हो सकती थी या उसे लकड़ी के अस्थायी सहारे जैसे कि 'बल्ली' मचान से मजबूत किया गया था, उन्होंने दावा किया कि ढहने से पहले दीवार बिना किसी ऐसे सहारे के खड़ी प्रतीत होती थी।

सुरक्षा संबंधी चिंताएँ और प्रशासनिक प्रतिक्रिया

इस घटना से स्थानीय निवासियों में आधिकारिक हस्तक्षेप की कमी को लेकर आक्रोश फैल गया है। घटनास्थल से मिली रिपोर्टों से पता चलता है कि दुर्घटना के तुरंत बाद के घंटों में कोई भी सरकारी अधिकारी घटनास्थल का जायजा लेने, दीवार के बचे हुए हिस्सों की संरचनात्मक मजबूती का आकलन करने या ढहने के कारण की जांच शुरू करने के लिए नहीं पहुंचा। इस निगरानी की कमी की पर्यवेक्षकों ने कड़ी आलोचना की है, जिन्होंने पाया कि परियोजना कार्यस्थल सुरक्षा उपायों या जोखिम प्रबंधन प्रोटोकॉल के स्पष्ट संकेतों के बिना आगे बढ़ रही थी।

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निर्माण परियोजनाएं, विशेषकर स्थानीय परिक्रमा मार्ग जैसी बुनियादी ढांचे के विस्तार से संबंधित परियोजनाएं, मथुरा के संवेदनशील धार्मिक और शैक्षणिक क्षेत्रों में अक्सर चलाई जाती हैं। इस घटना में जवाबदेही की कमी सुरक्षा मानकों के प्रवर्तन में प्रणालीगत विफलता को दर्शाती है। चूंकि जांच अभी लंबित है, इसलिए समुदाय का ध्यान घायल श्रमिकों के कल्याण और राष्ट्रीय अंतर महाविद्यालय के आसपास चल रही अन्य निर्माण गतिविधियों से उत्पन्न संभावित खतरे पर केंद्रित है। स्थानीय अधिकारियों पर यह स्पष्ट करने का दबाव पड़ने की आशंका है कि साइट पर काम की अनुमति किसने दी और प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा असुरक्षित मानी जाने वाली स्थितियों में परियोजना को आगे बढ़ने की अनुमति क्यों दी गई। घायलों की स्थिति और प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया के बारे में अधिक जानकारी स्थिति के स्पष्ट होने पर ही प्राप्त होगी।

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विष्णु शर्मा, रिपोर्टर, MathuraNow

विष्णु शर्मा

रिपोर्टर

विष्णु शर्मा (विष्णु पंडित जी) मथुरा के पवित्र नगर गोवर्धन में रहने वाले एक समर्पित पत्रकार और प्रमुख सामुदायिक प्रतिनिधि हैं। स्थानीय और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से…

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