वार्ड पार्षद ने डूबने से हुई मौत के बाद सतोहा के शांतनु कुंड के तत्काल सौंदर्यीकरण का आग्रह किया
सतोहा के शांतनु कुंड में हुई एक दुखद डूबने की घटना के बाद, वार्ड पार्षद लक्ष्मण सैनी ने ब्रज तीर्थ विकास परिषद से मरम्मत कार्य में तेजी लाने के लिए याचिका दायर की है।

मथुरा, 2 अक्टूबर, 2026: सतोहा गांव के ऐतिहासिक शांतनु कुंड में हुई एक दुखद घटना ने स्थल के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कार्यों को तत्काल शुरू करने की मांग को और तेज कर दिया है। 27 सितंबर, 2026 को, पिछली रात से लापता 16 वर्षीय लड़की का शव स्थानीय निवासियों ने कुंड के पानी में तैरता हुआ पाया। इस घटना ने समुदाय में स्तब्धता फैला दी है, जिससे सुरक्षा उपायों में सुधार और लंबे समय से लंबित जल निकाय के जीर्णोद्धार की मांगें फिर से उठने लगी हैं।
तत्काल कार्रवाई के लिए आधिकारिक अपील
मथुरा-वृंदावन नगर निगम के वार्ड संख्या 48 के वार्ड पार्षद लक्ष्मण सैनी ने इस मामले में ब्रज तीर्थ विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से औपचारिक रूप से संपर्क किया है। 28 सितंबर, 2026 को लिखे एक लिखित ज्ञापन में, सैनी ने शांतनु कुंड के अपार धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला है। कुंड के जीर्णोद्धार के लिए एक परियोजना तैयार की जा चुकी है, यह स्वीकार करते हुए, सैनी ने इस बात पर गहरा खेद व्यक्त किया कि औपचारिक निविदा प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हुई है।
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याचिका में कहा गया है कि प्रगति की कमी ने स्थल की बिगड़ती स्थिति में सीधा योगदान दिया है। पार्षद ने बताया कि क्षेत्र की मरम्मत न होने के कारण कुंड में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है, जिससे स्थानीय नागरिकों और पवित्र स्थल पर आने वाले कई तीर्थयात्रियों को काफी असुविधा हो रही है। सैनी ने परिषद से अनुरोध किया है कि क्षेत्र की स्वच्छता और संरचनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निविदा प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाए।
नवीनीकरण पहलों की पृष्ठभूमि
शांतनु कुंड का जीर्णोद्धार ब्रज क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण स्थलों के व्यापक संरक्षण प्रयासों का एक हिस्सा है। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के आधिकारिक दस्तावेजों से पता चलता है कि 15 नवंबर, 2024 को हस्ताक्षरित एक समझौता ज्ञापन के माध्यम से मुंबई स्थित टीसीएस फाउंडेशन द्वारा पुनर्जीवन और सौंदर्यीकरण के लिए गोद लिए गए आठ स्थानों में से एक शांतनु कुंड भी था। इस पहल में शामिल अन्य स्थल मानसी गंगा, राधा कुंड, श्याम कुंड, अष्ट सखी कुंड, गरुड़ गोविंद कुंड, नरी सेमरी कुंड और कृष्ण कुंड हैं।
इन स्थलों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के संबंध में परामर्श बैठक पहले 2 दिसंबर, 2025 को परिषद के सभागार में निर्धारित की गई थी। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में आयोजित इस सत्र का उद्देश्य जीर्णोद्धार कार्यों के व्यावहारिक कार्यान्वयन बिंदुओं पर चर्चा करना था। लगभग एक वर्ष से चल रही प्रशासनिक योजना के बावजूद, हाल ही में हुई जानमाल की हानि ने जमीनी स्तर पर इन सुरक्षा और संरक्षण योजनाओं के भौतिक कार्यान्वयन के प्रति जनता की बढ़ती बेचैनी को उजागर कर दिया है।
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सामुदायिक प्रतिक्रिया और सुरक्षा संबंधी चिंताएँ
किशोर की मृत्यु के बाद, सतोहा के स्थानीय समुदाय ने तत्काल आपदा निवारण की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है। संपूर्ण सौंदर्यीकरण के दीर्घकालिक लक्ष्य के अलावा, निवासियों ने आगे की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए शांतनु कुंड के चारों ओर स्थायी बैरिकेडिंग लगाने की तत्काल मांग की है। पार्षद ने भी इन चिंताओं का समर्थन करते हुए इस बात पर ज़ोर दिया है कि जल निकाय की वर्तमान स्थिति न केवल एक पर्यावरणीय समस्या है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी खतरा है, जिसके लिए नगरपालिका और ज़िला अधिकारियों के तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है ताकि औपचारिक जीर्णोद्धार कार्य लंबित रहने के दौरान आगे कोई त्रासदी न हो।
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