मथुरा पुलिस ने राया में 6 लाख रुपये की फर्जी डकैती का पर्दाफाश किया
मथुरा पुलिस ने 6 लाख रुपये की फर्जी लूट का नाटक रचने के आरोप में अलीगढ़ के दो निवासियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच के बाद पूरी रकम बरामद कर ली गई।

राया , 4 अक्टूबर, 2026: मथुरा में पुलिस ने एक मनगढ़ंत डकैती का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पाया कि 6 लाख रुपये की कथित घटना पूरी तरह से मनगढ़ंत थी। स्थानीय पुलिस बल की जांच के बाद अलीगढ़ निवासी कुलदीप सिंह और अजीत को हिरासत में लिया गया। गबन की गई धनराशि को वापस पाने के उद्देश्य से चलाए गए इस अभियान में 6 लाख रुपये की पूरी बरामदगी हुई।
जांच से एक जटिल साजिश का खुलासा हुआ
एसपी क्राइम श्वेता यादव के अनुसार, घटना की सूचना सबसे पहले 1 अक्टूबर को पुलिस को दी गई थी। शिकायतकर्ता पुष्पेंद्र, जो नोएडा में रहता था, ने कथित तौर पर आरोपियों को पैसे सौंपे थे। एसपी क्राइम श्वेता यादव ने बताया कि पुष्पेंद्र ने कुलदीप सिंह के बैंक खाते में पैसे जमा किए थे। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर लूट की साजिश रचकर पैसे हड़पने का प्लान बनाया। इस योजना को बड़ी सावधानी से अंजाम दिया गया था, जिसमें पहले नकदी निकालना और फिर मथुरा जाकर इस धोखे को अंजाम देना शामिल था।
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राया पुलिस स्टेशन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, अधिकारियों ने विस्तार से बताया कि संदिग्धों ने अपनी झूठी रिपोर्ट को विश्वसनीय साबित करने के लिए किस हद तक प्रयास किए। मथुरा पहुँचने पर कुलदीप सिंह ने पुलिस से संपर्क कर दावा किया कि वह लूट का शिकार हुआ है। जांचकर्ताओं को अपनी कहानी विश्वसनीय लगे, इसके लिए संदिग्धों ने कथित तौर पर एक मोटरसाइकिल को क्षतिग्रस्त कर दिया और एक खाली बैग फेंक दिया, जिससे हाथापाई का दृश्य बन गया। हालांकि, प्रारंभिक पूछताछ के दौरान मौके पर पहुंचे अधिकारियों को संदिग्धों द्वारा दी गई जानकारी पर संदेह होने लगा।
संदिग्धों की पृष्ठभूमि और पुलिस की प्रतिक्रिया
एसपी क्राइम श्वेता यादव ने ब्रीफिंग के दौरान बताया कि कुलदीप सिंह एक एजेंट के रूप में काम कर चुका था और उसका इसी तरह की पेशेवर गतिविधियों का इतिहास था, जिससे जांच के दौरान संदेह पैदा हुआ। जैसे-जैसे अधिकारियों ने बयान में पाई गई विसंगतियों की गहराई से जांच की, साजिश का खुलासा होने लगा। बरामद धनराशि के साथ मीडिया के सामने पेश किए गए संदिग्धों को कानूनी कार्यवाही के तहत राया पुलिस स्टेशन में हिरासत में लिया गया। पुलिस जांच में अंततः पुष्टि हुई कि डकैती की शिकायत पूरी तरह से फर्जी थी।
मामले की स्थिति
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पारदर्शी प्लास्टिक बैग में प्रदर्शित किए गए बरामद 6 लाख रुपये को सबूत के तौर पर जब्त कर लिया गया है। कुलदीप सिंह और अजीत दोनों के खिलाफ साजिश में शामिल होने के आरोप में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस ऑपरेशन की सफलता स्थानीय पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है, जिन्होंने सुनियोजित अपराध स्थल को नजरअंदाज करते हुए घटना की असलियत को पहचान लिया। यह मामला जिले में धोखाधड़ी के जटिल मामलों को सुलझाने में पूछताछ प्रक्रिया की प्रभावशीलता को उजागर करता है। स्थानीय कानूनी प्रक्रिया के तहत मामले की कार्यवाही जारी है और सभी सबूतों और संदिग्धों के बयानों पर कार्रवाई की जा रही है।
मुकेश कुमार गुप्ता
मथुरा
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