एमबीई क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए आरबीआई ने मथुरा में टाउनहॉल बैठक का आयोजन किया
भारतीय रिजर्व बैंक ने मथुरा में लघु एवं मध्यम उद्यम योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने और बैंकों को उद्यमियों को समय पर वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु एक टाउनहॉल का आयोजन किया।

मथुरा , 13 सितंबर, 2026: स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, भारतीय रिज़र्व बैंक ( आरबीआई ) के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय ने हाल ही में मथुरा में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों ( एमएसएमई ) पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण टाउनहॉल और जागरूकता शिविर का आयोजन किया। सत्र की अध्यक्षता आरबीआई के लखनऊ क्षेत्रीय निदेशक पंकज कुमार ने की, जिन्होंने स्थानीय उद्यमियों और हितधारकों के साथ संवाद स्थापित करते हुए भारत की आर्थिक वृद्धि को गति देने और देश भर में व्यापक रोजगार के अवसर प्रदान करने में एमएसएमई क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा की।
जागरूकता के माध्यम से उद्यमियों को सशक्त बनाना
अपने संबोधन में पंकज कुमार ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा लघु व्यवसाय मालिकों के संचालन को सुगम बनाने के लिए शुरू की गई कई रणनीतिक पहलों और दिशा-निर्देशों के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम (टी-रिडएस) और यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (यूएलआई) का उल्लेख करते हुए कहा कि ये डिजिटल उपकरण लघु और मध्यम उद्यमों के नकदी प्रवाह प्रबंधन और आवश्यक वित्तपोषण के तरीके को आधुनिक बनाने के लिए आवश्यक हैं। यह टाउनहॉल एक व्यापक सूचना मंच के रूप में कार्य करता है, जहाँ प्रतिभागियों को सरकार द्वारा समर्थित विभिन्न सहायता प्रणालियों के बारे में जानकारी मिली।
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सत्र के दौरान प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) और प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना जैसी प्रमुख योजनाओं का विस्तृत विवरण दिया गया। इसके अलावा, अधिकारियों ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना पर भी चर्चा की। कुमार ने स्थानीय व्यापार समुदाय को इन कार्यक्रमों का सक्रिय रूप से लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया, जिन्हें केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा जमीनी स्तर पर सतत विकास और औद्योगिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है।
संस्थागत उत्तरदायित्व और वित्तीय समावेशन
टाउनहॉल का एक बड़ा हिस्सा मथुरा जिले में कार्यरत बैंकिंग संस्थानों के लिए अपेक्षाएं निर्धारित करने पर केंद्रित था। पंकज कुमार ने उपस्थित बैंक प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे ऋण देने की प्रक्रिया को सरल बनाएं ताकि उद्यमी अनावश्यक प्रशासनिक बाधाओं के बिना पर्याप्त वित्तपोषण प्राप्त कर सकें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय व्यवसायों की गति बनाए रखने के लिए वित्तीय संस्थानों को MSME से संबंधित वित्तपोषण मामलों के निपटान को एक सख्त, समयबद्ध ढांचे के भीतर प्राथमिकता देनी चाहिए।
इस भावना का समर्थन करते हुए, आरबीआई की उप महाप्रबंधक अनुराधा साहू ने उपस्थित लोगों को आगे मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने उद्यमियों को सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर अपने संचालन को बढ़ाने और पेशेवर विकास हासिल करने के लिए प्रेरित किया। साहू ने विशेष रूप से बैंक अधिकारियों को एमएसएमई मालिकों के साथ सक्रिय समन्वय बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने की सलाह दी कि ऋण आवेदनों को कुशलता और पारदर्शिता के साथ संसाधित और स्वीकृत किया जाए, जिससे लघु उद्योगों के लिए समर्थन नेटवर्क मजबूत हो सके।
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क्षेत्रीय विकास के लिए सहयोगात्मक प्रयास
इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय प्रशासनिक और बैंकिंग क्षेत्रों की कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया, जिससे मथुरा के बढ़ते व्यापारिक परिदृश्य को समर्थन देने के लिए आवश्यक सामूहिक प्रयास पर बल मिला। उप महाप्रबंधक अनुराधा साहू के साथ-साथ आरबीआई के अन्य प्रमुख अधिकारियों में सहायक महाप्रबंधक सुधीर कुमार पांडे, प्रबंधक शमशुद्दीन और जितेंद्र शर्मा, सहायक प्रबंधक शुभम पांडे और सहायक मानसी श्रीवास्तव शामिल थे। कार्यक्रम में जिला प्रमुख प्रबंधक, जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) और ग्रामीण स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरएसईटी) के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
टाउनहॉल की सहयोगात्मक प्रकृति ने लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के फलने-फूलने के लिए अनुकूल वातावरण बनाने की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। नियामक निकायों, बैंकिंग संस्थानों और उद्यमियों के बीच सीधे संवाद को सुगम बनाकर, आरबीआई का उद्देश्य सूचना विषमता को कम करना और यह सुनिश्चित करना है कि वित्तीय संसाधन उन लोगों तक पहुंचें जिन्हें क्षेत्रीय समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए उनकी सबसे अधिक आवश्यकता है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस तरह के सुनियोजित सहयोग से मथुरा जिले में आने वाली तिमाहियों में राजकोषीय नीतियों का अधिक प्रभावी कार्यान्वयन और उद्यम ऋण के लिए एक मजबूत आधार तैयार होगा।
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